नसबंदी कांड जांच आयोग के रिपोर्ट, अमानक दवई अउ इलाज म लापरवाही ले होइसे मउत

अंजोर.बिलासपुर। बिलासपुर जिला के सकरी म 8 नवंबर 2014 अउ गौरेला, पेण्ड्रा, मरवाही म 10 नवंबर 2014 के नसबंदी सिविर म आपरेसन के बाद 13 झिन महतारी मनके मउत के होगे। ये घटना के जांच ह बेरा-बेरा म अपन रंग बदल हावय। सरकार ह कार्रवाई के भरोसा देवत हावय तभो मन ह इही गुनत हाबे के कोनजनी कब नियाव मिलही बिन दाई के लइका मनला। 
सरकार ह घटना के जांच के खातिर एकल सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग के गठन करे हाबे जेन जांच करते हाबे। 10 अगस्त 2015 के आयोग के जांच प्रतिवेदन सासन करा पहुंचगे हाबे। जांच आयोग ह नसबंदी सिविर म अमानक अउ विषाक्त औषधी वितरण अउ इलाज म लापरवाही ल घटना के जिम्मेदार माने हाबे। 
कैबिनेट ह आयोग के अनुशंसा ल स्वीकार करके ये फइसला करे हाबे के जांच प्रतिवेदन म घटना के बर स्वास्थ्य अउ परिवार कल्याण विभाग के जेन अधिकारी अउ करमचारी ल दोसी पाये गे हाबे ओकर कड़ा कार्रवाई करे जाए। जानबा होवय के नसबंदी सिविर म अमानक दवई सिप्रोसिन-500 अउ आईब्रूफेल-400 बनइया अउ बेचइया कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करे जाही। अब तो बखत बताही के सरकार ह कोन ल का सजा दिही अउ कोन ल बोचका देथे। जब ले घटना घटे हावय सासन-प्रसासन ह इहीच रट लगाये हाबे के कार्रवाई होही, कार्रवाई होही। जेन दिन कार्रवाई हो जही तेन दिन जानबो के सरकार ल नसबंदी कांड म मरे महतारी मनके मउत के अफसोस हवय। सरकार दूधमुहां लइका संग नियाव करही या फेर अपन करमचारी के मदद करही?  

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